मुंडन संस्कार
जन्म संस्कार
मुंडन संस्कार हिन्दू धर्म के प्रमुख सोलह संस्कारों में से एक है। यह संस्कार बच्चे के जन्म के बाद पहले या तीसरे वर्ष में किया जाता है। इसे चूड़ाकर्म संस्कार भी कहा जाता है। इस संस्कार में बच्चे के बालों को पहली बार विधिवत उतारा जाता है। इससे बच्चे की बुद्धि का विकास होता है, शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होता है और पूर्व जन्म के दोषों का निवारण होता है। पूजा में गणपति पूजन, मातृका पूजन और हवन शामिल हैं।
लाभ
पूर्व जन्म के दोषों का निवारण
बच्चे की बुद्धि और स्वास्थ्य का विकास
शास्त्रोक्त विधि से संस्कार पूर्ति
परिवार में शुभता और प्रसन्नता
बच्चे का दीर्घायु और सुखी जीवन
बच्चे की बुद्धि और स्वास्थ्य का विकास
शास्त्रोक्त विधि से संस्कार पूर्ति
परिवार में शुभता और प्रसन्नता
बच्चे का दीर्घायु और सुखी जीवन
आवश्यक सामग्री
नया कपड़ा (बच्चे के लिए)
चावल, हल्दी, कुमकुम
नारियल, सुपारी
गंगाजल
फूल और फल
घी, अगरबत्ती, दीपक
मिठाई (प्रसाद हेतु)
दही और शहद
चावल, हल्दी, कुमकुम
नारियल, सुपारी
गंगाजल
फूल और फल
घी, अगरबत्ती, दीपक
मिठाई (प्रसाद हेतु)
दही और शहद