हमारे देश में कई प्राचीन मंदिर जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं और उनके जीर्णोद्धार की तत्काल आवश्यकता है। ये मंदिर हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं और इन्हें संरक्षित करना हम सबकी जिम्मेदारी है।
इस अभियान के तहत चयनित प्राचीन मंदिरों की मरम्मत, पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाएगा। मंदिर परिसर में भक्तों के लिए बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल और शौचालय की सुविधा भी विकसित की जाएगी।
मंदिर निर्माण में दिया गया दान सबसे पुण्यदायी माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार मंदिर निर्माण में सहयोग करने वाले को अनंत पुण्य की प्राप्ति होती है। आइए, मिलकर अपनी धरोहर को संजोएं।