गृह प्रवेश पूजा: शुभ मुहूर्त और विधि
गृह प्रवेश पूजा हिंदू परंपरा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण संस्कार है। नए घर में प्रवेश करने से पहले वास्तु शांति और गृह प्रवेश पूजा करवाना शुभ माना जाता है। यह पूजा नए घर में सकारात्मक ऊर्जा लाती है और वास्तु दोषों को दूर करती है। शास्त्रों के अनुसार बिना पूजा-पाठ के नए घर में प्रवेश करना अशुभ माना जाता है।
गृह प्रवेश के लिए शुभ मुहूर्त का चयन बहुत महत्वपूर्ण है। सामान्यतः उत्तरायण काल (मकर संक्रांति से कर्क संक्रांति तक) गृह प्रवेश के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। वैशाख, ज्येष्ठ, माघ और फाल्गुन माह विशेष रूप से शुभ हैं। सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार गृह प्रवेश के लिए उत्तम दिन माने जाते हैं। अमावस्या, पूर्णिमा और एकादशी तिथि से बचना चाहिए।
गृह प्रवेश पूजा में सबसे पहले गणेश पूजन, वास्तु पूजन और नवग्रह पूजन किया जाता है। इसके बाद हवन किया जाता है जिसमें वास्तु शांति और गृह शांति के मंत्रों का जाप होता है। पूजा सामग्री में कलश, नारियल, सुपारी, लाल कपड़ा, हवन सामग्री, घी, अक्षत, फूल-माला, धूप-दीप, फल और मिठाई शामिल हैं।
पूजा के बाद सबसे पहले गृहलक्ष्मी (घर की महिला) दूध का बर्तन लेकर घर में प्रवेश करती हैं। इसके बाद परिवार के अन्य सदस्य प्रवेश करते हैं। घर में प्रवेश के बाद दूध उबालना शुभ माना जाता है क्योंकि इसे समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। OkPanditji आपके गृह प्रवेश को विधिवत और शुभ बनाने के लिए अनुभवी पंडित जी उपलब्ध कराता है।